तिरंगे को थाम हाथ में चलती है बेटियां हर मोर्चे पर देख लो लड़की है बेटियां।
मुश्किल पड़े कोई तो संभल ती है बेटियां योद्धा है बेटियां तो मसीहा है बेटियां ।
विश्व विजय की कामना करती हैं बेटियां पढ़ती है बेटियां और पढ़ाती है बेटियां।
भू से लेकर गगन तक उड़ती है बेटियां चिड़ियों की तरह है आंगन में फुदकती है बेटियां।
सबरंग और खुशबू फैलाती है बेटियां दुर्गा और काली लक्ष्मी बनती है बेटियां।
अब राजपथ पर भी नेतृत्व करती हैं बेटियां कलम भी है हाथ में तो तलवार हाथ में दोनों की ही ताकत को बढ़ाती है बेटियां।
तिरंगे को थाम हाथ में चलती है बेटियां
स्वरचित मौलिक सर्वाधिकार सुरक्षित डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर

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