एक वक़्त भी था ज़िन्दगी का हमारी
ज़ब हर दिन एक दूसरे टकरार किया करते थे
हमें ना मंज़ूर था ज़िक्र भी एक दूसरे की किसी के लबों से
एक ज़माना था ज़ब एक दूसरे से इतना खफा रहा करते थे.....!!
वो लड़ना झगड़ना वो आँखे दिखाना
हमको आता भी नहीं था किसीसे दिल लगाना
हर किसी से प्यार भरी बाते पर तुमसे रूठें रहते थे
एक ज़माना था ज़ब हम तुमसे इतना खफा रहा करते थे...!!
जाने क्या असर हुआ जो तुमसे ही दिल लग गया
जो कल तक था बैर वो आज लबों की हँसी बन गया
जिसको देखना भी न मंज़ूर था उसे हर पल निहारा करते है
एक ज़माना था ज़ब हम तुमसे इतना खफा रहा करते थे...!!
कब तुमने दिल चुरा लिया मुझे कुछ खबर न चला
दिल मेरा होकर भी मेरा न रहा तेरे ओर ही खींचा चला गया
जाने कब टकरार अपनी दिल में प्यार का अहसास कर गयीं
अब ज़माना ये है दिल का की तुमसे हम बेइम्तेहाँ प्यार करने लगे है....!!
अब तुम्हारी ख्यालो में ही दिल को करार बहुत मिलता है
तेरे होठों की हँसी से मेरी चहरे पर मुस्कान खिलता है
बसा लिया है नैना कुछ इस तरह तुम्हे अपनी साँसो में
की अब हर पल धड़कने सिर्फ तुम्हारा ही नाम लेकर धड़कता है....!!
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नैना.... ✍️✍️💓

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