एक ही दिन में सारी छवि तहस नहस हो गई । 
एक नशेड़ी की जमानत राष्ट्रीय बहस हो गई ।। 

नशेडिय़ों के समर्थन में बॉलीवुड उतर आया है ।
दोगले लोगों के चेहरों से नकाब उतर आया  है ।।

राष्ट्रीय मीडिया भी नशे का समर्थन कर रही है ।
लगता है कि मोटी रकम इनके भी हाथ लग गई है।

नशेडिय़ों को पकड़ना जैसे अपराध सा हो गया है।
व्यक्तिगत मामले उछालना जैसे फैशन हो गया है ।। 

छंटे छंटाये बेईमान लोग ज्ञान पे ज्ञान पेल रहे हैं ।
हम भी ना जाने कैसे कैसे गधों को झेल रहे हैं ।।
हरिशंकर गोयल "हरि"