शहर के बहुत बड़े वायरोलॉजी सेंटर में रमन बतौर  जूनियर रिसर्च असिस्टेंट  नवनियुक्त हुआ  था।
यह वायरोलॉजी लैब , मशहूर साइंटिस्ट डॉक्टर डेविड का था।
डॉक्टर डेविड बहुत बड़े साइंटिस्ट थे,और उनके साथ काम करना बड़े गर्व की बात थी ,लेकिन कुछ देश विरोधी कंपनी से उनकी सांठ गांठ थी।
इस समय डॉक्टर डेविड एक वायरस बना रहे थे।
वायरस जो वातावरण में निर्जीव रहता है ,और जैसे ही किसी माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है ,सक्रिय हो एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य को संक्रमित करता है।
रमन उनके इस प्रयास में मदद कर रहा था उसे नहीं मालूम था कि वे देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं।
आखिरकार उनका प्रयास रंग लाया ,उन्होंने एक  वायरस बना लिया।

उन्होंने एक चूहे में जब अपना वायरस इंजेक्ट किया तो दो दिन बाद ही उसके चकत्ते निकल आए ,फिर एक चूहा लाया गया और उस चूहे के साथ छोड़ दिया गया।4, से 5 दिन में वो चूहा भी प्रभावित हो गया।
रमन घबरा गया ।
सर,ये क्या ?? पहले इसका एंटीडॉट तो बना लेते_रमन ने कहा।
डॉक्टर डेविड ने कहा ,_तुम एंटीडोट पर अपनी शोध जारी रखो।
रमन शोध में लग गया।वह रोज चूहे को देखता , उनमें चकत्ते के अलावा कोई और लक्षण नहीं दिखाई दे रहा था।
एक दिन उसने डॉक्टर डेविड से पूछा तो उन्होंने बताया कि इन चूहों में वो वायरस विकसित हो रहा,2 माह बाद ये वायरस पूर्ण रूप से विकसित हो जाएंगे तो ये चूहे बहुत हिंसक होते जायेंगे ,और तब इन्हें मानवों के बीच छोड़ा जाएगा।
इनके लार से ये संक्रमण बुरी तरह फैल जाएगा।
पर ये तो  गलत है सर इससे तो लोगों की जान चली जायेगी_ रमन ने कहा।
तो तुम क्या समझ रहे थे मैं वायरस क्यों बना रहा था, जन कल्याण के लिए।!!
और डेविड जोर जोर से हंसने लगा।
सभी  विकसित देश  वायरस को जैव हथियार के रूप में अपने दुश्मन या लाभ के लिए सुरक्षित रखते हैं। 

रमन को ये सब अच्छा नहीं लग रहा था ,लेकिन अब वो मजबूर था।
उसका सारा ध्यान एंटीडोट बनाने में लगा था।
वह लैब में होने वाली हर गतिविधि के बारे में अपनी प्रेमिका रीना को जरूर बताता था।
आज वो खुश था उसने एंटीडोट बनाने में सफलता प्राप्त कर ली थी।
उसने डॉक्टर डेविड को ये खबर फोन पर बताई ,वो उस समय शहर से बाहर गए थे।

उसने अपने घर में एक डायरी रख रखी थी उसमें भी  उसने एंटीडोट का फॉर्मूला लिख रखा था।
डॉक्टर डेविड ने उसे दो दिन बाद लैब में आकर फॉर्मूला उन्हें देना था इसके लिए बुलाया।

वह लैब में पहुंचा ,उसने सोचा डॉक्टर डेविड को जाकर ये खुशखबरी बता दूं।
वह जैसे उनके कमरे के निकट पहुंचा तो अंदर से आवाज आ रही थी,कुछ लोग डॉक्टर डेविड से वायरस के बारे में बात कर रहे थे,उसने कीहोल से झांक कर देखा तो ,कुछ पाकिस्तानी दिखाई दिए जो ब्रीफकेस के साथ दिखे।
वे खूब हंस रहे थे ,और कह रहे थे  कि अब तो कोई नहीं बचा सकता इन हिंदुस्तानियों को।
और डॉक्टर डेविड कह रहे थे, एंटीडॉट बना मैं मालामाल हो जाऊंगा , हा हा हा।उनकी हंसी साफ सुनाई दे रही थी।

रमन उनकी बात सुनकर पीछे  मुड़ा ही  था , तभी उसके कदमों की आहट सुन अंदर के लोग सतर्क हो गए,उन्होंने चुपचाप से दरवाजा खोल जाते हुए रमन को पकड़ लिया,और डॉक्टर डेविड के केबिन में ले आए।
डॉक्टर डेविड ने उससे एंटीडोट का फॉर्मूला मांगा ,लेकिन रमन ने मना कर दिया।
और पुलिस के पास जाने की धमकी दी।
यह सुन कर डॉक्टर डेविड ने कहा _ये हमारे लिए खतरा बन चुका है ,इसे मार डालो।
रमन को दो लोगों ने दबोच लिया ,डॉक्टर डेविड ने रिमोट की मदद से एक गुप्त दरवाजा खोला उसमें रमन  को डाल कर दरवाजा बंद कर दिया।
अब रमन के लैपटॉप को डॉक्टर डेविड ने अपने कब्जे में ले लिया।
उसमें पासवर्ड डाल कर डॉक्टर डेविड ने लैपटॉप ओपन कर लिया क्योंकि लैपटॉप का पासवर्ड लैब द्वारा ही दिया गया था ,इसलिए डॉक्टर डेविड को कोई दिक्कत नहीं हुई और उन्होंने एंटीडोट का फॉर्मूला निकाल लिया।
वे पाकिस्तानी चले गए ,डॉक्टर डेविड ने उन्हें वे चूहे दे दिए थे।
5,6  दिन बीत गए ,रमन की प्रेमिका  रीना को चिंता होने लगी ,बहुत बार फोन लगाया हर बार स्विच ऑफ,या कवरेज एरिया से बाहर बताता।

रमन के घर की चाभी रीना के पास भी रहती ,उसने उसके घर पर  जाने का फैसला किया।
वह घर के अंदर गई ,सब कुछ व्यवस्थित था ,कोई ऐसी चीज नहीं दिख रही थी कि शक पैदा हो।
उस दिन रीना वापस आ गई,लेकिन उसे नींद नहीं आ रही थी ,वो परेशान थी कि ऐसा कभी नहीं हुआ जब रमन कहीं उसे बिना बताए चला गया हो।
अचानक उसे याद आया कि रमन ने उसे अपने बॉस के देश विरोधी गतिविधि के  बारे में बताया था।उसका दिमाग तेज़ी से काम करने लगा,वह सारी बातें याद करने लगी।
वह अगले दिन फिर से रमन के घर गई , आज उसने पूरा घर छान मारा, ड्रावर खोल कर देखा तो उसमें एक डायरी थी ,उसने पलट कर पढ़ना शुरू किया ,रमन ने बॉस की सारी गतिविधियों की जानकारी लिख रखी थी,साथ में कोई फॉर्मूला भी।
उसने डायरी अपने पास रखी ,वह अब जान चुकी थी कि रमन के साथ कुछ अनहोनी हो गई है।उसने बिना देर किए  पुलिस स्टेशन जाकर रमन की मिसिंग कंप्लेन लिखवा दी।
उसने अपने शक के तौर पर  रमन के बॉस का नाम लिखाया।
पुलिस ने तहकीकात शुरू की,लेकिन इतने बड़े साइंटिस्ट पर हाथ डालने में पुलिस कतरा रही थी ,और उसने ऊपर के पुलिस अधिकारियों का नोटों से मुंह बंद रखा था।
इधर उन पाकिस्तानियों ने पंजाब ,पाकिस्तान सीमा पर एक चूहे को छोड़ दिया,और एक चूहे को जाते जाते शहर में।
चूहे ने बहुत जल्दी ही लोगों को संक्रमित करना  शुरू कर दिया।
देखते देखते शहर के सारे हॉस्पिटल भर गए।
किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था, कि  माजरा क्या है?
इधर डॉक्टर एंटीडोट के बहुत स्टॉक बना लिए थे,उन्होंने प्रेस रिलीज किया कि हमने इस महामारी का एंटीडॉट बना लिया ,चारों ओर उनकी प्रशंसा होने लगी।मीडिया जोर शोर से उनकी उपलब्धियों को बताने में लग गई।
रीना समझ चुकी थी , कि रमन की डायरी में रमन ने एंटीडोट का फॉर्मूला लिख रखा था।
वह सरकार के खुफिया विभाग में गई ,उसने सारी बातें बताई,और डायरी सुपुर्द की।
खुफिया विभाग ने डायरी पुणे के वायरोलॉजी लैब में भेज दिया।और डॉक्टर डेविड के फोन टैपिंग पर लगवा दिया।बहुत कुछ सबूत मिल चुका था डॉक्टर डेविड के खिलाफ।उसे गिरफ्तार कर लिया गया।उसके लैब को सीज कर लिया गया।वहां से एंटीडॉट कब्जे में लेकर हॉस्पिटल में पहुंचाई गई।
पुणे के लैब में भी एंटीडोट का निर्माण बड़े पैमाने पर शुरू किया गया।
डॉक्टर डेविड ने अपना गुनाह कबूल कर लिया ,उसने बताया कि रमन को उन्होंने  एक कमरे में डाल दिया था,जो एक गैस चैंबर था जिसमे सल्फर डाई ऑक्साइड से भरा था ,जिससे  घुटन से उसकी मृत्यु हो गई ।
इस तरह रीना के साहस से देश में आई बहुत बड़ी विपदा से  बहुत बड़ी विपदा से छुटकारा मिला।भारत सरकार ने उसे सम्मानित किया।
समाप्त