पीछे मुड़कर देखना नहीं
बीते हुए कल को
आज पर हावी होना देना नहीं
बीता हुआ कल आत्मग्लानि
और मानसिकता को कुंठित करता है
बीती बातो को भूल जाने मे भलाई है
भूतकाल की कुछ खट्टी मिठ्ठी यादे और कड़वाहट
उलझने बढा देती है ,अतीत जीने देती नहीं
पुरानी बातो को डीलीट मारो
जो गलती हुई है उसको दोहराना नहीं
जीवन कभी धूप कभी छाँव है
कभी बरसात कभी ठंडी बयारे है
जीवन मे अभी और भी मंजिल है राहे है
जीवन मे कभी पीछे मुड़कर देखना नहीं
ये जीवन को शून्य कर देती है
आगे बढने देती नहीं
शिल्पा मोदी✍️✍️

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