बापू के अनुयायी रहे जो
खेड़ा के रण से रखे कदम
भर हुंकार बरदौली में बोले
न दे लगान की रत्ती भर हम।।

अत्याचार के शासन का
दृढ होकर जिसने दमन किया
उस युग शिल्पी को ही सबने
लौहपुरुष का नाम दिया।।

खुशबू से जिसकी महक उठा था सारा हिन्दुस्तान
वो थे वल्लभ भाई पटेल अपने भारत की शान
प्रतिभाशाली, व्यक्तित्व के थे वो ऐसे धनवान
भारत की आजादी के बने वो नायक महान।।

देश भक्ति थी जिसके रग रग में.
सबल बने, भारत इस जग में.
एकीकरण के स्वप्न को जिसने.
कर निश्चय ,बदल दिया यथार्थ में ।।

हृदय कोमल,आवाज में सिंह सी दहाड़ लिए
भारतीय राजनीति के प्रखण्ड के वो विद्वान बने
शत् शत् नमन हो ऐसे महान व्यक्तित्व को
बन बैठे भारत की आन बान और शान है जो ।।