बड़े अदब से कह गये थे वो अलविदा हमें
कभी वापिस लौटकर न आएंगे हम!!!

हम भी अब उनकी दुनिया से दूर बहुत दूर चले जायेंगे!!

ढूंढ़ लो जितना ढूंढ़ सकते हो तुम 
तुम्हारे खोज़ने पर भी नज़र न आयंगे!!!

हम भी अब उनकी दुनिया से दूर बहुत दूर चले जायेंगे!!

इंतज़ार बहुत किया था हमने फिर उनका   
कभी न साथ छोड़ने का वादा जो किया था उनसे!!!
             
गुरूर हो गया था उन्हें ख़ुद पर क्योंकि ज़रूरत से ज्यादा जो 
चाहते थे हम उन्हें
टूट कर चकनाचूर हो जाएगा उनका ये गुरुर इक दिन!!!

जिसदिन हम  उनकी दुनिया से दूर बहुत दूर चले जायेंगे!!

ज़रूरत से ज्यादा न तरसाओ किसी चाहने वाले को
क्योंकि जब ये चाहने वाला ही न रहेगा तो उनका ये गुरुर किस काम का!!!

एहसास होगा उन्हें तब जब मिलेगा उन्हें भी कोई उन्ही के जैसा 
फिर टूटेगा दिल उनका भी उस दिन याद बहुत हम आएंगे!!!

क्योंकि.....

हम भी अब उनकी दुनिया से दूर बहुत दूर चले जायेंगे!!

आसानी से जो मिल जाये उसकी कद्र कहां करते हैं लोग 
बिछड़ने पर ही आपकी एहमियत समझते है लोग!!

फिर सिवाए पछतावे  के  कहां कुछ हांसिल होता है
पाकर खोई चीज़ का अफ़सोस बहुत होता है!!!

अब ये वादा है हमारा भी ख़ुद से की उनकी दुनिया से  दूर बहुत दूर चले जाएंगे 
वो ख़ुद मुड़कर भी आएं तो हम उन्हें कही नज़र न आएंगे!!!
   
एकता श्रीवास्तव✍️