सांसो का चलना ही नही जीवन, जिन्दगी जीना आना भी जरूरी है,
फूलो पर जिन्दगी बिताना ही नही है जीवन, कांटो पर चलना आना भी जरूरी है!
दूसरो के दुख मे ना रोए ये आंखे तो क्या है ये जीवन,टूटे हुए को सहारा देना आना भी जरूरी है,
अपने लिए तो सभी जीते हैं,परपीडा को महसूस करना  आना भी जरूरी है!
दुनिया को पैरो मे गिराना तो बहुत सीखा,कभी गलती पर अपनी झुक जाना भी आना जरूरी है,
अवगुण तो बहुत बारीकी से निकाले सब मे, आईना खुद को देखना आना भी जरूरी है!
खिलखिलाए तो बहुत दूसरो को गिराकर,कभी खुद गिरकर ताली बजाना आना भी जरूरी है,
नाराज करना तो बहुत सीखा जिन्दगी मे सभी को,कभी कभी रूठो को मनाना आना भी जरूरी है!
सांसो का चलना ही नही जीवन, जिन्दगी जीना भी आना जरूरी है!

                                श्वेता अरोडा