पीहू ने पूजा को अपनी होने वाली बहु मान लिया है और पूजा भी अब हर समय एक कवच बनकर अर्नव का ख्याल रखने लगी है।इस वजह से अनीश पूजा का दुश्मन बनता जा रहा है।

दूसरी ओर,गुरुजी को आने में अभी कुछ समय लगेगा क्योकि वो अपनी शक्तियों को बढाने के लिए तपस्या कर रहे हैं।उन्होंने अपने एक शिष्य के हाथ ये सन्देश भिजवाया है कि जल्द से जल्द एक ऐसी कन्या ढूँढो जिसकी जन्मकुंडली में ऐसे ग्रह और नक्षत्र हो कि जिससे वो सदा सौभाग्यवती रहे।

पीहू पूजा को फ़ोन करती है और उससे उसकी जन्मकुंडली मंगवाती है।ये सब दूर बैठा अनीश सुन रहा है और वो कहता है पूजा को अनीश से दूर करने का यही सही मौका है।

अब जब वो जन्मकुंडली लाकर देती है तो अनीश उसे अपने जादू से बदल देता है।वो कुंडली स्वामी केशवदास जी  के पास जाती है तो वो इस विवाह को मना कर देते हैं।अब पीहू को भी मजबूरी में इस  शादी के लिए मना करना पड़ता है।पूजा को जब ये बात पीहू बताती है तो वो बहुत उदास होती है और फिर पीहू को कहती है कोई बात नही  आंटी जी,आज से मैं अर्नव की दोस्त बनकर रहूँगी।

आज अनीश अपनी जीत पर बहुत खुश है ये सोचकर कि उसने पूजा से बदला ले लिया है।

रात का समय है और पूजा अपने कमरे में लेटी हुई  रो रही है कि तभी उसे ऐसा लगता है जैसे उसके कान में किसी ने पूजा कहा हो।

वो उठती है और अपने आस -पास देखती है तो उसे कोई दिखाई नही देता!अब उसे लगता है कि ये उसका वहम होगा।ये सोचकर वो फिर से अर्नव के ख्यालों में खो जाती है।तभी उसके कमरे में लगा हुआ टीवी अपने आप चलने लगता है।पूजा अब पूरी तरह डर जाती है कि तभी वो देखती है कि टीवी में कोई डरावनी फ़िल्म चल रही है जिसमे कोई शैतान जोर-जोर से हँस रहा है।

पूजा की हालत अब ओर भी खराब हो जाती है और वो कमरे से बाहर जाने लगती है कि तभी उसके कमरे का दरवाजा अपनेआप बन्द हो जाता है।अब उसे सामने अनीश दिखाई देता है जो कि बहुत भयानक रूप में है।वो अनीश को अच्छी तरह से जानती है और उसे कहती है तो तुम वो शैतान हो जो अर्नव की जान के दुश्मन बने हो।

अनीश अब मुस्कुराने लगता है और कहता है पूजा मेरी तुमसे कोई निजी दुश्मनी नही है लेकिन अगर तुमने अर्नव को मुझसे बचाने की कोशिश की तो मैं तुम्हारा खून पीने में जरा भी देर नही लगाऊंगा।ये कहकर वो पूजा के करीब आता है और उसका चेहरा अपने हाथों से पकड़ कर कहता है मुझे वैसे भी खूबसूरत लड़कियों का खून बहुत पसंद है।

अब पूजा उससे अलग होते हुए कहती है चाहे तुम कुछ भी करलो लेकिन मैं अर्नव को कुछ नही होने दूँगी।

अब अनीश मुस्कुराते हुए कहता है मैं कल ही तेरे अर्नव को मारने वाला हूँ तू जो कर सकती है करले!ये कहकर वो शैतानी हँसी हँसने लगता है जिसे देखकर कोई भी डर जाए।अब अचानक से धुआँ उठता है और वो गायब हो जाता है।

पूजा को अब पता चल चुका है कि अनीश ही अर्नव का सबसे बड़ा दुश्मन है इसीलिए वो अगले ही दिन पीहू से मिलती है और उसे सारी बात बता देती है।अब पूजा पीहू से कहती है आंटी अर्नव कहाँ है?मैं चाहती हूँ आज सारा दिन मैं उसके साथ ही रहूँ।

पीहू अब हताश होकर कहती है कि बेटा वो तो आज सुबह ही कॉलेज चला गया है।पूजा ये सुनते ही कॉलेज की ओर भागती है।

अब पीहू स्वामी केशवदास जी को फ़ोन करती है तो पता चलता है कि वो कौशल्या के साथ यहाँ आने के लिए निकल पड़े हैं।ये सुनकर कौशल्या को तसल्ली होती है।

दूसरी ओर,पूजा कॉलेज जाती है तो उसे अर्नव कही नही मिलता है तो वो उसे फ़ोन लगाती है।अर्नव उसे बताता है कि वो अनीश उसके दोस्त आदित्य के साथ घूमने आया है।

पूजा जैसे ही ये बात सुनती है वो अंदर तक काँप जाती है और उससे उस जगह का पता पूछती है।

अर्नव उसे बताता है कि हम जँगल में है और शाम तक वापिस आ जाएँगे।अब पूजा ये बात पीहू को फ़ोन करके बताती है।अब पीहू बहुत परेशान है कौशल्या को फ़ोन करती है जल्दी से घर आने के लिए।

कौशल्या कहती है “बेटी चिंता मत करो हम बस पहुँचने ही वाले हैं”।

कुछ ही देर में पूजा पीहू के पास पहुँच जाती है और राघव और कौशल्या के साथ स्वामी जी भी।

अब सभी मिलकर चल पड़ते हैं उस चुड़ैल के बच्चे का अंत करने जिनके साथ स्वामी जी के कुछ शिष्य भी है।सभी निकल पड़ते हैं एक खतरनाक सफर की ओर जिसमे या तो चुड़ैल के बच्चे का अंत होगा या उन सभी का।

रास्ते मे स्वामी जी की पारदर्शी नजर पूजा के माथे पर जाती है जिसपर उन्हें एक अलग ही तेज दिखाई देता है।वो पीहू को कहते हैं मिल गई वो लड़की जो तेरे बेटे का कवच बनेगी।

पीहू उनसे पूछती है “कौन स्वामी जी”?

अब वो पूजा की ओर इशारा करते हैं और कहते हैं “ये है वो लडक़ी”।

ये बात सुनते ही पीहू हैरान हो जाती है और कहती है कि लेकिन ये कैसे हो सकता है?इसी की कुंडली को तो आपने अस्वीकार कर दिया था अर्नव के लिए?

अब स्वामी जी एक बार ध्यान लगाते हैं और कहते हैं मुझे लगता है वो इसकी सही कुंडली नही थी,ये इसका माथे का तेज बता रहा है कि ईश्वर ने इसे सदा सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद दिया है।

पीहू कहती है लगता है उस अनीश ने ही ये सब किया होगा।राघव उससे अब अनीश की सारी सच्चाई जान जाता है।