अर्नव क्लास में जिस टेबल पर बैठा हुआ है ठीक उससे पीछे वाले टेबल पर अनीश बैठा है।दोनों क्लास अटेंड करके बाहर आते हैं और फिर अपने-अपने घर चले जाते हैं।उनके बीच मे कोई बात नही होती है।कुछ दिन इसी तरह सामान्य से ही बीतते हैं।अब पीहू का डर भी कुछ कम हो जाता है।
एक दिन हल्के-हल्के बादल है और सभी क्लास लगाकर ग्राउंड चले जाते हैं।वहाँ एक ओर आदित्य और अनीश खड़े हैं और उससे बेखबर उनके ठीक सामने ललित और अर्नव बातें कर रहे हैं।
दूसरी ओर,पूजा अपनी कुछ सहेलियों के साथ ग्रुप बनाकर सामने घांस पर बैठी है।तभी उसकी नजर सामने खड़े अर्नव पर जाती है तो वो उसे देखकर सोचती है ये तो वही लड़का है जिससे उसकी टक्कर कॉलेज के पहले ही दिन हुई थी।आज कई दिनों बाद दिखा है ये।अभी पूजा ये सोच ही रही होती है कि तभी उसकी नजर ठीक उसके ऊपर बालकनी पर जाती है,जहाँ से गमला गिरने ही वाला है।पूजा तेजी से उठती है और दौड़ती हुई अर्नव की ओर बढ़ती है।अब उसे बाहों में भर कर दूसरी ओर धकेल देती है।अगर पूजा सिर्फ एक सेकंड की भी देरी करती तो ये इतना बड़ा गमला सीधे अर्नव के सिर पर गिरना था।अब दोनों एक साथ सम्भल कर उठते हैं और अचानक से हुए इस हादसे की वजह से पूजा उसे गले लगाकर कहती है शुक्र है भगवान का कि तुम ठीक हो बिल्कुल।अर्नव तो उसके उस रूप को देखता ही रह जाता है और अब पूजा को जब ये महसूस होता है तो वो उससे थोड़ी दूर होकर सॉरी कहती है।
दूर खड़ा आशीष ये सब देख रहा है कि तभी आदित्य उसे कहता है इस लड़की ने तो आपका सारा प्रोग्राम ही खराब कर दिया।आपने अपनी आँखों की शक्ति से ये गमला उसपर फैंका था,पता नही फिर इस लड़की को कैसे पता चला।
अनीश अब आदित्य को कहता है कोई बात नही आदि अब यहाँ आ ही गए हैं तो उस पीहू के बच्चे को भी मार ही देंगे।देखना कैसे मैं इनके परिवार को बर्बाद करके अपनी माँ छाया की मौत का बदला लेता हूँ इन सभी से और इस बेवकूफ लड़की ने आज मेरे और अर्नव के बीच मे आकर इतनी बड़ी गलती करदी कि ये खुद भी नही जानती?
आदित्य भी अनीश की बात सुनकर शैतानी मुस्कान के साथ उन्हें देखने लगता है।
दूसरी ओर,पूजा अब घर जाते समय यही सोचे जा रही है कि ये उसे क्या हो गया था,एक अजनबी की चोट के डर से मैं कैसे तड़प गई?यही सोचते-सोचते वो घर चली जाती है और अब खाना खाकर पढ़ने बैठ जाती है।अब पढ़ते-पढ़ते रात हो जाती है और वो रात का खाना खाकर सोने के लिए अपने कमरे मे चली जाती है और फिर से अर्नव के बारे में सोचने लगती है।अर्नव के ख्यालों में खोए हुए रात के 12बज चुके हैं और उसकी भी आँख लग जाती है।
कमरे में चारों ओर अँधेरा है,बाहर तेज हवाएं चल रही है।कमरे में पूजा अकेली सो रही है और तभी उसे लगता है जैसे कोई भयानक सा चेहरा उसके ऊपर झुका हुआ है।उसका रँग हद से ज्यादा ही गोरा है और लम्बे-लम्बे घुँघराले बाल पूजा के चेहरे पर उसे महसूस हो रहे हैं!उसके दो दाँत बाहर को निकले हुए हैं!आँखे उसकी बिल्कुल लाल है जैसे खून टपक पड़ेगा आँखों से!गोरे रँग पर लाल आँखे अलग ही चमक रही हैं।पूजा उसे इतने करीब अपने ऊपर झुके हुए देखकर इतना डर जाती है कि उसकी आवाज हलक में ही अटक जाती है!साँसे भी तेज चलने लगती है और धडकने इतनी बढ़ जाती है जैसे कलेजा मूहँ को आएगा।
अब वो अपना हाथ उसके चेहरे पर फेरने लगता है और कहता है हद से ज्यादा हसीन हो तुम!अब वो उसपर झुकते हुए कहता है मेरे और अर्नव के बीच मे मत आना नही तो अच्छा नही होगा।नही चाहता तुम जैसी खूबसूरत बला को चोट पहुंचाना इसीलिए समझा रहा हूँ,ये कहकर वो पूजा की गर्दन के पास अपना लम्बा से नाखून लाता है और हल्का सा गढ़ा देता है।पूजा दर्द से तड़प जाती है और उसका हल्का सा खून भी निकलने लगता है।तभी वो चीख मारकर उठ जाती है और देखती है आसपास कोई नही है।फिर उसे लगता है कि शायद उसने कोई भयानक सपना देखा होगा।लेकिन तभी उसे दर्द का एहसास होता है और वो उठकर कमरे की लाइट जलाती है और शीशे के आगे खड़ी होकर अपनी गर्दन देखती है तो डर के काँपने लगती है।उसकी गर्दन से खून टपक रहा था!अब वो सोच रही है इसका मतलब यहाँ सच मे कोई शैतान था,कोई मेरे इतने करीब था।ये सब सोचकर वो अंदर तक काँप जाती है और दौड़ कर अपने माँबाप के कमरे की ओर जाती है।उनका कमरा नीचे होने की वजह से वो सीढ़ियों से नीचे उतरने लगती है।तभी सीढ़ियों पर उसका पैर फिसलता है और वो सीधे नीचे आकर गिरती है।उसके बाद पूजा को कुछ होश नही रहता कि वो कहाँ है।

0 टिप्पणियाँ