परिवार की आयात है पिता........।
सीप की तरह बाहर कठोर,
अंदर नर्म है पिता...........।
संघर्षमय जीवन की दीवार है पिता,
परेशानियों से हमेशा लड़ने को रहते तैयार पिता...।
बच्चों के खुशियों की चाभी का खिलौना है पिता,
रात को ह्रदय से लगा के सुलाने वाला बिछौना है पिता...।
पिता जिम्मेदारी से लदी गाड़ी है,
जिसमें पूरा परिवार करता सवारी है.....।
बच्चों के सपने को पूरा करने में होती है इनकी खुशियाँ,
माँ और बच्चे के लिये पिता होती है पूरी दुनिया......।
एक विशाल बरगद की छांव है पिता,
जिसके नीचे परिवार चैन से सांस है लेता...।
सर्दी में कंबल की गर्माहट है पिता,
गर्मी में ठंडी छाँव है पिता,
बारिश में जो भींगने ना दे वो छाता है पिता........।
मेरे आदर्श है पिता,
मेरे सच्चे परामर्श है पिता
अनुशासन का दूसरा नाम है पिता.......।
हे, विधाता बस इतनी है प्रार्थना जो है, परिवार के अन्नदाता उनके जीवन में कोई परेशानी मत देना.......।
पिता आप हो महान,
आपसे है हमारी पहचान,
भगवान को तो मैं नहीं देखी,
मेरे लिए आप ही हो भगवान........।
मैं एक बेटी हूँ, एक बहु भी हूँ,
मेरी दुनियाँ है,खुशियों से आबाद
क्योंकि मेरे सर पे है,मेरे दो पिता का आशिर्वाद...।
🙏🙏🙏🙏🙏😊😊😊😊😊ऋचा कर्ण✍✍

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