"मेरा हर एक सपना, साकार हो गया।
सच कहती हूं मुझे, तुमसे प्यार हो गया।
मैंने चाही थी कभी, तुमसे दूरी बहुत।
क्या करूं? प्यार तुमसे बेशुमार हो गया।
दिल में अब तो तुम्हारी, ही तस्वीर है।
एक पल भी न देखूं तो दिल बेकरार हो गया।
खूबसूरत लगने लगा अब नजारा मुझे।
मेरा दिल बस तेरा ही, तलबगार हो गया।
बताने लगी हूं तुम्हें अपने दिल की मैं हर बातें।
क्योंकि अब तू जो मेरा राजदार हो गया है।
जब से टकराई है नज़र तुम्हारी नज़रों से
सच कहती हूं मुझे तुमसे प्यार हो गया है।
तुम्हें सोच कर अब मैं खुद ही मुस्कुराने लगी हूं।
तुम्हारी हर बात का ,अब मुझे एतवार हो गया।
देख कर अपनी ही तस्वीर तुम्हारी आंखों में।
सच कहती हूं मुझे खुद से प्यार हो गया है।।
अम्बिका झा ✍️

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