बधाई बधाई बधाई
गूँजे गीत बधाई के
मन खुश हो सम्मान से
मिला मेहनत का फल है
दिल में ऐसे भाव जगाए
बधाई खूबसूरत शब्द ऐसा
नई मंजिल की बानगी जैसा
तमन्नाओं को पर मिल जाते हैं
तितली बनने उड़ने लगते हैं
खुमारी जो बधाई की छाती है
मौसम खुशनुमा बना जाती है
चहुँ ओर से बधाई जो आती है
स्वप्न सलोने जगाती जाती है
धूप भी शीतल छाँव सी लगती है
मन के गलियारे में ऊषा बन जाती है
उमंग ऐसे हरपल सजाती जाती है
पतझड़ भी बसंत सा बन जाता है
झोली में जब जब आता बधाई है
हर इक लम्हा मुक्कमल हो रहा है
एहसास ऐसे दिल में जगाती है
दिल्ली
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