दुनिया में सबसे खूबसूरत रिश्ता आंखों का ही होता है।
एक ही साथ खुलती, बंद होती हैं,
एक ही साथ रोती हैं और एक साथ सोती हैं।
वो भी एक दूसरे का दीदार किए बिना।
यह आंखें ही है जो बिन शब्दों के सब कुछ बोल जाती हैं,
ये आंखें ही है जो बिन भाषा के सब जानती हैं।
यह आंखें ही है, जो मोहब्बतों में मुस्कुराती हैं,
ये आंखें ही है जो नफरतों को पहचानती हैं।
आंखें ना हो तो क्या जहां, क्या जहां की रोशनी।
आंखें ही सबसे हंसी हैं, आंखों से ही है गुस्ताखियां।
आंखों से ही तो है हया,आंखों से ही सारे नजारे हैं।
आंखों से ही है रंगीनियां, आंखों से ही तो है जिंदगानियां।

प्रिया धामा