तेरी एक मुस्कान पर ही
मैं दिल अपना हार गया
इस भोली, प्यारी,स्मित सी
मुस्कान में तो खो गया
अधरों पर छायी,मुस्कान मधुर
मेरी सुधबुध ही गंवा देती है
शांत सरोवर से मेरे हृदय में
एक तूफान सा मचा देती है
तेरी एक मुस्कान का जादू
मेरे अन्तस् पर कुछ यूँ पड़ता है
हारा,थका हुआ सा मन मेरा
ताजे गुलाब सा खिलता है
ये मुस्कान सदा रहे यूँ ही
प्रयास सदा ये ही रखना
सदैव मुस्कुराती रहना और
मुस्कान से प्रेरणा मुझे देना।।
आशा झा सखी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)

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