चीन के बाद , भारत दुनिया में सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश हैं , दुनिया की 17.5 % आबादी यही है ,
भारत में तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या ने भोजन की कमी और भूमि पर भारी दवाब की समस्या को जन्म दिया हैं , भले ही इसकी 60 %आबादी कृषि में लगी होब, फिर भी लोगों को भोजन की बमुश्किल आवश्यक मात्रा भी नहीं मिल पाती हैं
भारत में इतनी बड़ी आबादी के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना बहुत मुश्किल है , इस लिए हर साल अशिक्षा तेजी से बढ़ रही है
बढ़ती जनसंख्या के साथ ढांचागत सुविधाओं का विकास नही हो पा रहा है, इसलिए परिवहन , संचार , आवास , शिक्षा , और स्वास्थ्य सेवा जैसी सुविधाएं लोगो को प्रदान करने के लिए अपर्याप्त होती जा रही हैं
बढ़ती आबादी से लोगों में आय और असमानताओं का व्यापक वितरण होता हैं
असहनीय जनसंख्या आकार लोगों को मुलभूत सुविधाएं प्रदान करने में सरकार की विफलता का कारण बन जाता हैं
जिस देश की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ती है ,वहां आर्थिक विकास धीमा होता हैं , इससे पूंजी भी कम बनती हैं
अज्ञानता , अशिक्षा , अस्वस्थ जीवन की स्थिति और मनोरंजन की कमी हमेशा से भारत में जनसंख्या की समस्याओं का कारण रही हैं
जनसंख्या में तेजी से वृद्धि भी प्राकृतिक संसाधनों के अपव्यय का एक संकेत है
इस समस्या से निपटने के लिए सरकार को सुधारात्मक उपाय करने की आवश्यकता हैं , सम्पूर्ण देश का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि जनसंख्या विस्फोट कितने प्रभावी ढंग से होता हैं
सरकार और गैर सरकारी संगठनों को परिवार नियोजन और परिवार कल्याण के बारे में जागरूकता बढ़ानी चाहिये ,
स्वास्थ्य केंद्रों को गर्भ निरोधकों के मुफ्त वितरण के साथ गरीब लोगो की मदद करनी चाहिए , और बच्चों की संख्या पर नियंत्रण को प्रोत्साहित करना चाहिए
महिलाओं को सशक्त बनाने और स्थिति में सुधार के लिए सरकार को आगे आना चाहिए , ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षित किया जाना चाहिए ,और मनोरंजन के आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए
विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक दुनिया में भारत की ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता हैं , सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने और सख्त जनसंख्या नियंत्रण मानदंडों को लागू करने से भारत इस मुद्दे से निपटने में सक्षम होगा ।।
धन्यवाद ।।
नेहा धामा " विजेता " बागपत , उत्तर प्रदेश

0 टिप्पणियाँ