भूखे हैं सभी प्रेम के यहां !
कोई दिल से किसी को प्रेम करता कहां !
जरूरत के वक्त प्रेम जताते हैं सभी ,
फिर कहां याद रख पाते हैं कभी !
अगर हर एक दिल में सच्चा प्रेम पनपने लगे ..
यह दुनिया स्वर्ग से भी सुंदर लगने लगे !
नफरत और बैर की जगह ना रहे ,
जो प्रेम एक दूसरे से सब करने लगे !
दौलत, शोहरत ,हैसियत , रुतबा ..
सब यहीं रह जाना है !
बाद हमारे ,हमारे प्रेम भरे शब्द ही
सबको याद आना है !
हर किसी को अपना लो यही सही तकाजा है !
हमारे कर्मों का फल हमारे ही आगे आना है !
जो प्रेम बाटोगे, प्रेम मिलेगा !
कड़वा खाकर कहां मीठे का मजा मिलेगा
हुमा अंसारी

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