बेटी तुम्हारी हूँ तुम पर ही गई
ये बाबुल जान लीजिए
हूँ मै गुणों की खान बाबुल मान लोजिये
बाबुल आपका अंश हूँ मै बहुत गुणवती हूँ
आपके सिखाये संस्कार याद है मुझे
मै तो आदर्शो पर ही चलती आई हूं
बाबुल तुम्हारी सम्मान ही पाई हूँ
सफल जीवन मे होने की काबिलियत है मुझमे
तुम पर गई बिल्कुल यह जान लीजिये
गुण आपसे ही आया लिखने
का बाबुल आपने अपनी कला को
निखारा नही
पर मैनै कर दिया आपका नाम रोशन ये जान लीजिए
बेटी हूँ तुम्हारी बाबुल तुम पर गई हूं बिल्कुल
संस्कार सिखाये आपने याद है मुझे

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