एक रोते हुए बच्चे को हंसाया हमने खुशी दे दी पल भर की उसकोl
एक बूढ़ी मां राह में थी भूखी उसको भरपेट जो भोजन कराया हमने खुश होकर आशीष दी उसने.l
एक बीमार था जो मिला हमको तड़पता हुआ जो दवा दी हमने उसको खुशी पल भर कीl
घर पर पहुंचे तो थी बच्चों की किलकारियां झोली में भर ली हमने फिर सारी खुशियांl
खुशी है हर पल और हर क्षण में ठीक से उसको जरा देख ले हम कभी
मुस्कुराते हुए चेहरे की हंसी कायम हो यही बस अपना ही जीवन का लक्ष्य है हमारा.l
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार युक्त डॉक्टर आशा श्रीवास्तव जबलपुर

0 टिप्पणियाँ