परदेस में रहने वाला कहलाता हूॅं
ऑंखें रोती है दिल भी तड़पने लगता है
जब मैं परदेस जाने लगता हूॅं ।
दूरियों का एहसास परदेस में
रहने वालों को ही होता है
साथ रहकर भी जो दिल से दूर हो
उन्हें यें एहसास कहाॅं होता है ।
घर में ही जो अपनों से
पराया जैसा व्यवहार करते हैं
परदेस में रहने वाले तो वों हुए
जो अपनों की खुशी में सौतेला व्यवहार रखते हैं।
कुछ दूरियां ऐसी हैं जो
कभी खत्म नहीं होती
परदेस ना जाएं फिर भी
उनके दिलों में प्रेम नहीं होती ।
पेट की इस आग ने
परदेश जाने पर मजबूर किया
घर से दूर आकर हमने
अपने घर को बहुत याद किया ।
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
" गुॅंजन कमल " 💗💞💓

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