जय शिव प्रिय शंकर प्रिय, जय मंगल मंगल करु
जय अम्बिके, जगदम्बिके जय मंगल मंगल करु
आनंद शक्ति शालनी ,अमूक सस्त्र धारनी
निशूम्भ शूम्भ वर्दनी, त्रिशूल चक्र धारनी
त्रिशूल चक्र धारनी
भद्र काली भगवती, मंगल मंगल करू
जय शिव प्रिय शंकर प्रिय मंगल मंगल करू
कराल मूक कपालनी  विशाल मूंडमालनी
असीम हट हासिनी, त्रिमूर्ति सिष्टीकारनी
हे ईश्वरी परमेश्वरी मंगल मंगल करू
जय शिव प्रिय शंकर प्रिय जय मंगल मंगल करू
प्रित तुम ही, सुप्रिम तुम ही
दया तुम ही, क्षमा तुम ही
घटा तुम ही, स्वधा तुम ही
कला तुम ही, प्रभा तुम ही 
दुख हारनी, सूखकारनी मंगल मंगल करु
जय शिव प्रिय शंकर प्रिय जय मंगल मंगल करूँ
रंजना झा