कोशिश न कीजिए भूल जाने की
बुरा सपना नहीं किसी अफसाने की
इश्क के मारे है इश्क करते हैं
आजमाइशों से कहां हम डरते हैं
तेरे दर पर ऋण कोई चुकाना है शायद
हर रोज वहीं उसी राह पर चलते हैं
आया न कोई दूसरा दिल में मेरे
तेरे बाद " राधे " रास्ता बंद रखते हैं
हो सकता है ख़ाक में मिल जाऊं
तेरे इश्क की आग सीने में तब भी रखते हैं ।।।।
© रेणु सिंह " राधे " ✍️
कोटा राजस्थान

0 टिप्पणियाँ