बहुत दिनों से नही मिली 
मैं खुद से मिलना चाहती हूँ
लम्हें चंद चुराकर बस
एक मुलाकात चाहती हूँ

अब तक जाने कितने
किरदार निभाये हैं मैंने
पर अब मैं फिर से 
मैं बनना चाहती हूँ 

लम्हें चंद चुराकर बस
एक मुलाकात चाहती हूँ

कर्तव्यों की राह पर
कई शौक भुलाएं हैं मैंने
उन भूलीबिसरी गलियों से
फिर से गुजरना चाहती हूँ

लम्हें चंद चुराकर बस
एक मुलाकात चाहती हूँ 
             ✍️प्रीति ताम्रकार
                  जबलपुर