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Shalani Agrawal
दहलीज़
दहलीज़
नवंबर 27, 2021
दिल की दहलीज़ पर तेरे कदमों के निशां देखने की हसरत रहती है,
यूं तो देती है दुनिया दस्तक इस दरवाज़े पर,
तू जो चुप है मगर, तो हर आवाज़ बेमानी सी लगती है! ..
शालिनी अग्रवाल
जलंधर
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