आधुनिक समय की नयी पहचान है मोबाइल, जो आज कम उम्र के बच्चों से लेकर, प्रोढ तक की जरूरत और पसंद बन गया है"
आज के समय में ऐसा कोई शायद ही घर हो, जहाँ मोबाइल  न्
हो"हम बात कर रहे हैं, क्या मोबाइल की इतनी जरूरत है, हमारे समाज मे'  शायद है भी और नही भी, इसके अच्छे और बुरे दुष्परिणाम अक्सर देखने को मिलते है! 
मोबाइल का निर्माण उद्योगिक दुनिया के लिए क्रांति है! उद्योग में, वही अर्थव्यवस्था के लिए वरदान भी है! 
आज के समय में मोबाइल से शेयर मार्केट की सारी गतिविधियों की जानकारी कुछ ही मिनटों में देश के हर कोने में पहुँच जाती हैं! और आसानी से दूर दराज के सारे कार्य आसानी से पूर्ण कर लिए जाते है! 
बैकिंग सुविधा, ऑनलाइन सुविधाओं "के जरिए आसान हो गयी है! जिस कार्य को पूर्ण करने में महिनो लग जाते थे, अब मात्र घंटो में पूर्ण कर लिए जाते, मोबाइल क्रांति समाज को आधुनिक जीवन शैली प्रदान करने में अहम् भूमिका निभाती हैं! 
मोबाइल ने सहित्य दुनिया में भी, क्रांति स्थापित की है! ऑनलाइन गोष्ठी के जरिये, हिंदी प्रचार प्रसार बहुत तेजी से हुआ, जो की सरकार के अथक प्रयास के बावजूद नही हो पा रहा था! वो सेलफोन के जानिए, एक साल में ही शिखर पर पहुँच गया!! 
ये तो हुई मोबाइल के अच्छे परिणाम, अब दुष्परिणाम भी जान ले" जहाँ सेलफोन करोना काल में, बच्चों की पढाई का एकमात्र साधन था वही, अब बच्चों के लिए "अभिश्राप का रूप ले रहा है! 
बच्चे अधिकतर समय मोबाइल के साथ ही बिताते है, जिससे उनमें शरीरिक क्षमता में कमी आ गयी है! 
उनका खेल कूद स्पर्धा में सम्मिलित न होना  उनके शरीरिक विकास /बोद्धिक विकास में, बाधक है! 
मोबाइल में बहुत सारे ऐप ऐसे है , जो बच्चों के बाल मन को आक्रमक बनाता है" जो की कंपनियों की तरफ से, मोबाइल की ओर खीचने के लिए बनाऐ जाते है! जो सही नही है! 
आजकल एक प्रचलन और बढ़ा है जो, विडियो शूट करके लाईव प्रसारित करते है! वो कुछ भी लाईव कर देते है, जिसके दुष्परिणाम स्वरूप कितने परिवार टूट जाते है, यदि कुछ सावधानी बरती जाये तो मोबाइल वरदान है! समाज के लिए, 
कुछ मानसिक विकार वाले लोगों ने इससे छेड़छाड़ करके अभिशाप बना दिया! बस अखिरी में इतना ही, मोबाइल को वरदान ही बनाऐ समाज तो, शायद हम सब प्रगति में उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सके" वरन् वो दिन दूर नहीं जब सेलफोन अभिश्राप के रूप में समाज के विकास का बाधक होगा, मोबाइल हमारी जरूरत है, उसका सही उपयोग ही हमारे समाज के हित में वरदान है!! 
श्रीमती रीमा महेंद्र ठाकुर "लेखक"
राणापुर झाबुआ मध्यप्रदेश भारत