आया एक और नया तूफान एलर्ट है जारी।
आंध्रप्रदेश उड़ीसा पश्चिम बंगाल पर भारी।

"जवाद" चक्रवाती तूफान का पुरी में भारी।
दिखे समुद्र में असर भारी वर्षा भी है जारी।

'ताउते' चक्रवाती  तूफान  अभी-2 गया था।
'यास' चक्रवाती तूफान का डर आ गया था।

निश्चित ये  प्रकृति की नाराजगी का फल है।
इंसा विकास की दौड़ में अँधा व  विकल है।

सड़कों के चौड़ीकरण ने करोड़ों वृक्ष गंवाये।
फैक्टरियों  मिलों की चिमनियाँ धुआँ बढ़ाये।

जंगलों को काट डाले एवं तालाबों को भांठे।
कूलर फ़्रिज एसी सबने ग्लोबल वार्मिंग बांटे।

ग्लेशियर पिघलता ओजोन परत में छेद होये।
ग्लोबल वार्मिंग के नतीजों का न है खेद होये।

कभी लू के लगें थपेड़े कुहरा भी ये छा जाये।
कभी आँधी तूफान कभी सूखा व बाढ़ आये।

बादल फटा कभी तो लैंड स्लाइड यह डराये।
भूकंप के भी झटके रह-रह के रहते हैं डराये।

इंसानियत रही न मानवता सभी चली गई है।
हैवानियत बढ़ी है धर्म कर्म प्रेम ना रह गई है।

कोरोना तो है ही ब्लैक फंगस भी आ गया है।
उसमें भी श्वेत और यलो फंगस ये आ गया है।

क्या करे ये इंसा ऐसी आफ़तों से घिर गया है।
जाये  कहाँ तो जाये  मुसीबतों से घिर गया है।

पूर्वी तट राज्यों में 'जवाद' तूफ़ां मंडरा रहा है।
उड़ीसा पश्चिम बंगाल में खतरा मंडरा रहा है।

पारा द्वीप सागर द्वीप बालासोर तक डरा है।
मध्य महाराष्ट्र  कोंकड़  गोवा वर्षा से डरा है।

2021में इतना आया है ये चक्रवाती तूफान।
साइक्लोनिक स्टोर्म से सदैव हुआ नुकसान।


रचियता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.