"मेरे पिया गए रंगून  किया है वहाॅं से टेलीफोन 
तुम्हारी याद सताती है जिया में आग लगाती है " .......
जब मैं अपने कमरे में अकेली बैठी अपने पति अपने प्रियतम जिन्हें मैंने अपना सबकुछ मान लिया था के ख्यालों में खोई थी तभी मुझे इस गाने की आवाज अपने कमरे में सुनाई पड़ी मैंने अपनी दृष्टि  गाने की आवाज की तरफ उठाई तो मैंने देखा कि मेरी बड़ी ननद अपना मोबाइल हाथ में लिए खड़ी है जिसमें वो गाना बज रहा है। वह मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा रही थी। मुझे जब मेरी अवस्था का भान हुआ क्योंकि पति के ख्यालों में खोये हुए कब मेरी आंखों में आंसू तैरने लगे थे मुझे इस बात का ध्यान नहीं। मेरी ननद मुझे छेड़ने लगी ... भैया की याद आ रही है ..  भैया को फोन कर देते है कि भाभी आपको याद करके रो रही है ..... मैंने अपनी ननद का हाथ पकड़कर अपने पास बिठाया और कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है , आपने जो भी देखा अपने भैया से बिल्कुल भी नहीं कहिएगा। अभी ‌देश की स्थिति ऐसी है कि लोगों का आना-जाना बंद हैं। अभी कोरोना की वजह से जो जहाॅं है  उनको वहीं रहना है । अभी लाॅकडाउन चल रहा है इसलिए आपके भैया अभी आना भी चाहे तो नहीं आ सकते है। वैसे भी आपके भैया सेना में है तो उनके लिए पहले देश है बाकी सब बाद में। आपके भैया की याद तो बहुत आती है, मैं उनको याद करके रोती भी हूं लेकिन मैं उनको बताती नहीं क्योंकि अगर उनको पता चला कि मैं दुखी हूं तो वो भी दुखी हो जाएंगे । अभी उनकी यूनिट जम्मू में है और पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग भी होती रहती है साथ ही देश में कोरोना का कहर जारी है।  मुझे बहुत डर लगता है मन तरह- तरह की आशंकाओं से घिरने लगता है इस कारण मेरी आंखों से आंसू निकल पड़ते हैं। लेकिन आपके भैया मुझे हमेशा हिम्मत देते रहते हैं वो कहते हैं -  तुम एक सोल्जर की पत्नी हूं तुम्हें ये रोना धोना शोभा नहीं देता । हम जैसे सोल्जरो की पत्नियों को तो अपने पतियों पर फक्र होना चाहिए कि हम जब तक जीते हैं देश के लिए जीते हैं और मरते भी है तो देश के लिए। ये तो हमारे लिए गौरव की बात है कि मरने के बाद हमें तिरंगा में लपेटा जाता है। ये गौरव सबको नहीं मिलता। मैं जानती हूं कि मैं एक सोल्जर की पत्नी हूं और मुझमें हिम्मत होनी चाहिए कि कल को कैसी भी परिस्थिति आ जाएं तो उस परिस्थिति का डटकर मुकाबला कर सकूं। लेकिन मैं एक पत्नी भी तो हूं जिसे अपने पति की फ़िक्र है । मैं अपने पति की प्रतीक्षा  कर रही है कि कब मेरे  पति आएंगे ??? इसी आस में एक- एक दिन काट रही हूं कि कब मेरे  प्रियतम को छुट्टी मिलेगी और कब मैं उनसे मिल पाएगी???? मैं रोज माता रानी से अपने पति की सलामती की प्रार्थना करते हुए उनसे मिलन की आस लगाती हूं। एक ना एक दिन माता रानी मेरी प्रार्थना अवश्य सुनेंगी और मेरे पति और आपके भैया हम सब के बीच होंगे।
और तब तक आपको ये गाना रोज़ सुनना चाहिए ऐसा कहकर मेरी ननद हॅंसने लगती है और उनको इस तरह हॅंसता देखकर मैं भी हॅंसने लगती हूॅं। अब मैं खुशी मन से अपने पिया को याद करके मन ही मन गुनगुना पड़ती हूॅं ...

        "   मोहे   पिया  मिलन  की  आस 
            अब   आ   भी  जाओ मेरे पास 
             मोरे पिया ..... मोरे पिया ....."


                                                   धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻


               गुॅंजन कमल 💓💞💗