एक रात...

मैं सोया था ...और लोग बोले कहां गया मैं..? बहुत गहरी नींद में सो गया...था मैं..कहता था हमेशा रूसी और अमेरिकी जासूस मुझपर नज़र रखे हैं...! 

पर ये सबके लिए आम बात थी...मुझे बहुत सम्मान  मिला हमेशा भारत में..! 

मेरी पत्नी मृणालिनी मेरा इंतजार कर रही थी क्योंकि हम परिवार के साथ केरला की खूबसूरती में फर्स्ट ऑफ जनवरी मनाना चाहते थे..! 

केरला के कोवलम शहर में रूका मैं..मुझे एक विशेष रिसोर्ट्स पसंद था..उसके बाहर खिड़कियों से झांकता था तो सारी थकान मिट जाती थी..!

बहुत काम किया परमाणु रिसर्च और अंतरिक्ष परीक्षण केंद्र में..! मैं पारसी साहित्य का ज्ञाता अन्य कलाओं में भी 
हाथ अजमाता रहता लोग मुझसे प्रभावित रहते थे..!व्यवाहरिक ज्ञान मुझे मां से मिला पत्नी भी सरल स्वभाव की थी..!

जब अणु से ऊर्जा का विकीरण होता है  तो..इलेक्ट्रोन्स में गति  होती है..! 
बहुत सारे विषयों में अनुसंधान किए ... जैसे वस्त्र और प्रबंध कई क्षेत्रों में काम किया था मैंने..!

हज 52 वर्ष की आयु थी सन् 1971 की बात थी केरल में कोवलम गया..उसी रिसोर्ट्स में...! 

पहले केरल के थुम्बा नामक रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया ..फिर रूसी रॉकेट का परीक्षण किया..बहुत खुश था मैं..! 

मेरे अनुसंधान में अंतरिक्ष केंद्र की विशेष सहभागिता होती थी..! सर्वप्रथम लोग "इसरो "को ही महत्वपूर्ण बुनियाद कहते वैज्ञानिक अनुसंधान का बड़ा केंद्र... केरल..मेरी कर्म भूमि...!

जब चंद्रयान 2 का सफल परीक्षण हुआ मुझे बहुत खुशी हुई....! मेरा भारत वैज्ञानिक तकनीकी में आगे निकलेगा मालूम था मुझे..!

मैंने खोज की थी ...
"एक अणु की ऊर्जा किस प्रकार इलेक्ट्रान को गति देती है..!" यानी जब किसी पदार्थ के अणु में ऊर्जा का विकिरण होता है तो इलेक्टॉन भी गति करते हैं..! माना कोई द्रव्य को आग पर रखा जाए तो पानी के अणु आपस में टकराकर गति करते हैं..और गतिज ऊर्जा से परस्पर बाहर की ओर भाप से उड़ जाते हैं...!" 

रात को मेरे स्वास्थ्य का निरीक्षण हुआ डॉ बोले," सर आपका ..बी. पी.,पल्स रेट और ह्रदय की गति सभी नॉर्मल है..यू आर फिट एंड फाइन..!" नो नीड टू वरी..ओके सर..!" डॉ भी चले गए..!

आज 31 दिसंबर सन् 1971 को मैं बिस्तर से उठ नहीं पा रहा हूं..!..क्या हुआ मुझे ? सारी रिपोर्ट तो नॉर्मल ही थी. ! दिल काम नहीं कर रहा शायद मेरा..! 

मुझे विशेष प्लेन क्राफ्ट से अहमदाबाद ले जा रहें थे ...! जिसमें ,मुझे ,परिवार को लेने जाना था ..उसमें मेरा मृत शरीर को जाना पड़ा था...! त्रासदी ही थी...बहुत बड़ी..!!

सच गीता में लिखा है..मुझे किसीने मारा नहीं मेरा शरीर नष्ट हुआ है मैं नहीं ..!

12 अगस्त को पूरे सौ साल का हो गया मैं..लेकिन मेरी रहस्यमय मौत की गुत्थी अभी तक राज है...! गूगल ने भी मनाया मेरा जन्मदिन..चलो लोगों के मस्तिष्क को मैंने फिर अपनी यादों से भर लिया.. और मेरी मौत की गुत्थी अभी भी रहस्य है...!

मेरा रहस्य अभी तक जासूस नहीं सुलझा पाए ..!

आज भी केरल गया भारत गया और उसी "sea coast" में...! I love beauty of Kerela ...One thing that strucks in my mind ," Every success has a black & white side" Isn't it..??!!

Me...

मैंने इलेक्टौन की गति की ही खोज की ..! इतनी बड़ी खोज के बाद भी  कोई जासूस मेरी मौत का राज ना सुलझा पाए अफसोस ..!

Scientist Vikram Sarabai   "Indian Space Research Organisation"

Kerela .

Sunanda..✍️

(Some of the  dilouges are fiction )