सपनों का घर, 
कुछ ऐसा हो घर मेरा बिल्कुल मेरे सपनों जैसा, 
आस पास हो हरियाली आंगन सजा हो फूलों की क्यारी जैसा, 
आंखों को हो सुकून देने वाली, 
जरुरी नहीं घर सुंदर हो उम्मीद से भरा हो, 
ईटों से बना वो आशियाना परिवार की एकता  का नीवं हो, 
सुबह आशा से भरी हो , 
छोटी सी बगिया मे आस पास मंडराती रहे तितलियाँ, 
बडो़ का आदर और सम्मान हो आशिर्वाद से भरा हो, 
हमसफ़र हर पल सामने हो, 
तीज त्यौहार मे भी रौनक हो, 
घर का हर कोना  प्यार का दर्पण हो, 
 रिश्तों में कभी न अनबन हो, 
रातों में हो प्यार का उजाला, 
मन सोच के ही खुशीयों से भर जाता, 
फि़जाओं को भी पता चल जाता, 
वो भी मेरे सपनों के घर मे खुशबू बिखेर जाता ।।