गुलाब सी खुशबु आती है उसके आने से।
जब वो हमसे रुठ जाए तो,
अलग ही खुशी मिलती है उसे मनाने से।
वो भी बडी होशियार है जनाब
बार-बार रुठ जाती है कोई न कोई बहाने से।
हा मैं शायद प्यार दिखा न सकू उसे
पर वो पीछे नही हटती प्यार जताने से।
मुझे तो पता नही कि कैसे प्यार जताऊँ
पर मैं कभी थकता नही उसे सताने से।
प्यार तो बेशुमार है हम दोनों मे
और वो ज़रा भी नही हिचकिचाती ये बताने में।।
पुष्पांजलि शाहु

2 टिप्पणियाँ
आपका बहुत बहुत शुक्रिया ������