कौन हुँ मै
मै जानती नहीं
मै खुद की तलाश मे निकली हुँ
मै खुद को पहचानती नहीं


मै एक गृहिणी हुँ
अलग अलग किरदारो से जानी जाती हुँ
मेरा खुद का अस्तित्व क्या है 
मै पहचानती नहीं
पूरी कायनात से पूछा
किसी के पास जवाब नही

कौन हुँ मै
मेरे जीवन जीने का मकसद क्या है
इन सवालों से मे घिरी रहती हुँ
तन्हाईयो मे खुद से बाते किया करती हुँ
खुद की पहचान बनाने मै निकल पड़ी हुँ
मै खुद को खुद से मिलाने निकली हुँ
मेरा वयक्तित्व क्या है

सृष्टि के रचनाकार ने मुझे क्यों रचा है
ये.सवाल मै बार बार खुद से दोहराती हुँ
खुद को मै पहचानती नहीं
कौन हुँ मै
मै जानती नहीं
खुद की तलाश मे निकली हुँ
जाने खुद से क्या चाहती हुँ
ये मै जानती नही

आज मे मस्त हुँ व्यस्त हुँ
कल कब अस्त हो जाऊँ
ये मै जानती नहीं

शिल्पा मोदी✍️✍️