घर क्या होता है पूछो जरा उनसे
जो मारे मारे सड़कों पर फिरते हैं
प्यार क्या होता है परिजन क्या होता है
इंँतजार क्या होता है
परिवार वालो को देखकर
उनकी आँखे डबडबा.जाती होगी
बेघर होकर मारे मारे फिरते होंगे
जो मिलता है वही.खा लेते होंगे
जहाँ आसरा मिलता होगा वही सो जाते होंगे
वो क्या जाने
घर तो वो जन्नत होता है
जहाँ माँ बाप का हाथ अपने बच्चों के सर पर होता है
विश्वास ,प्रेम ,त्याग,और एकता से घर मे
सुख शांति और समृद्धि बढती है
घर एक पौधा के समान होता है
जिसे माली रोज पानी देकर सींचता है
अपनी श्रम और श्रद्धा से
और.हरी भरी बगिया खिलखिलाती है फूलों से
घर तो वह जन्नत होती है
जहाँ दुनिया के किसी कोने में चले जाओ
सुकून मिलती.है आकर आखिर घर मे
शिल्पा मोदी

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