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जीवन के हर एक डगर पर
अन्जाना सा डर लगता है,
ये अंजाना डर कैसा है,
लेकिन ये डर सब को लगता है,
डर से भी क्या जीना यारों
जो सपनों को तोड़ दे,
उन सपनों में आने वाली
हर अड़चन से डर लगता है,
कहते हैं हिम्मत करना तू,
डर के आगे जीत है,
लेकिन सच है जीत के पीछे
एक विश्वास की प्रीत है,
उस जीत से मिलने वाली
खुशियों से भी डर लगता है,
उन खुशियों को डसने वाली
बुरी नजर से डर लगता है,
जीवन के हर एक डगर पर
अंजाना सा डर लगता है,
यह अंजाना डर कैसा है
लेकिन यह सबको लगता है,
संगीता वर्मा✍✍

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लेकिन सच है जीत के पीछे
एक विश्वास की प्रीत है,