जब सराहा किसी ने,
मुझे, खुद से प्यार हो गया!
मुहब्बत में जब तेरे करीब आई,
मुझे खुद से प्यार हो गया!
सुन्दर सलोने बच्चे जब,
मेरे जीवन में आये!
उसे देखकर,
मुझे खुद से प्यार हो गया!
खुद से प्यार करती हूँ,
खुद को खुश रखती हूँ!
खुद से प्यार करूँगी,
तब तो सारे रिश्ते निभा पाऊँगी!
खुद से गर बेगानी हो जाऊँ,
सारे रिश्ते बेगाने हो जाएं!
सभी रिश्तों पर खरी उतर जाऊँ,
इसलिए, खुद से प्यार करती हूँ!
श्वेता कर्ण!

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