ढाई अक्षर का शब्द प्रेम 
इसकी नहीं होती कोई  परिभाषा
हर रिश्ता बनता प्रेम से ही 
है प्रेम दिलों की भाषा

कृष्ण प्रेम है कबीरा प्रेम है
मीरा राधा की गाथा प्रेम है
राम प्रेम है भरत का त्याग प्रेम है
सीता की अग्निपरीक्षा प्रेम है

प्रेम दास्तान है उस दिल की 
जो सीमा पर है रहता 
हमें रखे सुरक्षित घर पर 
सरहद पर जान की बाजी है लगाता

यह प्रेम ना जाने भेदभाव
ना धर्म जरा सा
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई
हर दिल हिंदुस्तान 
की गाथा है गाता

             शिल्पा मोदी✍️