जिंदगी जन्म से मृत्यु तक
उलझी पहेली
कभी किसी ने ना सुलझी
हर वक्त तेरे मेरे चक्कर में
बड़ी पहेली
मरते दम तक निनायवे का,
फेर पुरा ना हुआ
अंत समय कुछ संग ना गया
संगी साथी रिश्ते नाते
सब की यही कहानी
अंत समय सब छोड़ गया
जीवन की यही कहानी
दिल की कलम से
मधु अरोड़ा

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