नित नयी बहारों से ।
पल्लवित हो जीवन तुम्हारा।
पल पल खिले खुशियाँ।
प्रफुल्लित हो जीवन में उजियारा।
नयी दिशा की चमक छा जाए नवबहार में।
सूरज की सुनहरी किरण।
आभा बन अदभुत नज़ारा।
दिखाए हर एक पल छिन में।
सुखा हो समास ।
तो भी विरह की ना घड़ी आए।
नीरस जिंदगी में भी।
जादुई सपने भर जाए।
जागते हुए अपने सपनों को।
करना तुम साकार।
देकर एक नया रंग रूप।
जीवन उसमें लेना ढाल।
आदित्य हो उपलब्धि तुम्हारी ।
अचंभित कर दे दुनिया को।
दृढ़ इरादे पूरे कर दे।
जीवन के हर स्वपन को।
सुहावना सुन्दर जीवन।
तुम करो व्यतीत।
मेरी मनोकामना पूर्ण हो।
जब ध्यान रखें जगदीश।
नीलम गुप्ता 🌹🌹(नजरिया)🌹🌹
दिल्ली

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