सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 
माँग सजे कुमकुम, 
एकाग्रता लाये, 

बैंदी बौर टीका, 
सौभाग्य को बनाये, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

भाल सजे बिंदिया, 
ओजस दर्शाये,
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

नयन भरे कजरा, 
बुरी नजर से बचाये,
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

नथ लौंग नाक की,
श्वसन सुचारु बनाये, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

कानों के कर्ण फूल, 
दर्द में राहत बन जायें, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

हाथों की मेंहदी, 
गहरा प्रेम दर्शाये,
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये,

कलाई भरी चूड़ियाँ, 
सम्पन्न वैभव लायें, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

गले का मंगलसूत्र, 
एक सूत्र में पिरोये, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

कुंदन का बाजूबंद,
रक्त संचार बढ़ाये, 
सौभाग्यवती है वो महिला,
जो दुल्हन बन जाये, 

कमर की करधन, 
मोटापा  दूर भगायें, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

बालों का गजरा,
खुशबू महकाये, 
सौभाग्यवती हैं वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये,

अंगूठी सगाई की,
प्रेम को बढ़ाये, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

घुंघरु आयल पायल,
छन छन लक्ष्मी लाये, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

पैरों की बिछिया, 
स्वास्थ्य संपन्न बनाये, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

इत्र सुंगध गुलाब की, 
आकर्षण को बढ़ाये,
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

शादी का गठ जोड़ा, 
शुभ मंगल बन जाये, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये, 

लिख दिया जो भाग्य में, 
विधाता ही भाग्य बनाये, 
सौभाग्यवती है वो महिला, 
जो दुल्हन बन जाये ।


    काव्य रचना -रजनी कटारे 
          जबलपुर (म. प्र.)