प्यारी सी सूरत हाथो में वीणा
स्नेह सभी पे लुटाये
एक हाथ मे पुस्तक धारे
दूजे से वीणा बजाये
मेरी प्रार्थना को स्वीकारो
तो काम मेरा बन जाये....
बसंत ऋतु के पंचम दिन माँ
जन्म दिवस तुम्हारा मनाये
पूजन अर्चन करे सभी जन
औऱ क्या भेंट चढ़ाए
हंसवाहिनी ज्ञानदाहिनी
क्या क्या नाम से तुझे बुलाए....
ज्ञान की गंगा स्नेह की देवी
स्वर कोकिला तू कहाए
और क्या बोलू तुमको मैया
हर कला हैं तुझमे समाए
कृपा करो माँ सब मानव पर
सब को मानवता ही सिखाए
प्यारी सी सूरत हाथो में वीणा
स्नेह सभी पे लुटाए
एक हाथ मे पुस्तक धारे
दूजे से वीणा बजाये
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थ्रीमा विनोद साहू

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