8 मार्च को मनाए जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस असल में एक सनम आंदोलन था जब उन्नीस सौ आठ में न्यूयॉर्क शहर में 15000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने और बेहतर वेतन और वोट की मांग करने का विरोध प्रदर्शन निकाला
1 साल बाद अमेरिकी सोशलिस्ट पार्टी ने इसे राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत की लेकिन किसी दिन को अंतरराष्ट्रीय बनाने का विचार क्लारा जेटकिन नाम की महिला ने सुझाया
1917 में रूस में भी 10000 महिलाओं ने रोटी और शांति के लिए इसी तरह का आंदोलन किया था
8 मार्च से कोई खास लेना-देना नहीं है क्योंकि उस दिन तो 27 फरवरी थी पर गैंग्रीन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च था.
आज 21वीं सदी में भी हमें अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना पड़ रहा है क्योंकि आज भी लोग लैंगिक समानता हासिल नहीं कर पाए हैं और ना इससे बच्चों में ही देख पाए हैं
हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की एक टीम होती है इस बार है
#chooseTochallenge
मेरे विचार में
आज के समय में पूरी दुनिया बदलती हुई एक चुनौतीपूर्ण दुनिया है व्यक्तिगत तौर पर हम सब अपने विचार और कार्य के लिए जिम्मेदार रहे
महिलाओं के लिए जितने भी कानून बनाए गए हैं उनका सही से उपयोग हो लोग दिल से आदर भाव रखें ना कि डर के भाव से।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस में बैंगनी, हरा और सफेद यह तीनों इंटरनेशनल विमेंस डे के रंग हैं और बैंगनी रंग न्याय और गरिमा का सूचक है। हरा रंग उम्मीद का और सफेद रंग शुद्धता का सूचक है।
अंत में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की आप सभी को शुभकामनाएं
और मैं यह भी बता दूँ कि पुरुष नाराज ना हो 19 नवंबर को 'मेंस डे' भी मनाया जाता है हालांकि अभी संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है फिर भी 80 देशों में यह मनाया जाता है
💐😊
वंदना शर्मा🖋️

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