शहर में एक तूफान उठ चुका था,हर तरफ शोर बहुत मचा था,
जब देश की आजादी हित,भ
गतसिंह फाँसी पे चढ़ा था।
धरती से आकाश तक सबने शीश झुकाया था,
जब भारत माँ के वीर सपूतों ने हँसके ,
फाँसी का फंदा चूम लिया था।
देखकर उनका अदम्य साहस पत्थर भी हैरत में था,
बस देश हित हो गए समर्पित,
हर रिश्ते का त्याग किया था।
अपने अपने स्वार्थ में पड़कर मत करो देश का पतन,
कितने माँओं के लाल गए ,
तब यह स्वतंत्रता का ताज मिला था।
शत शत नमन, चढ़ाऊँ भावों से भरे सुमन, भर आते हैं आज नयन,
समझके त्यौहार मौत को,
जब वीरों ने आजादी का ऐलान किया था।
शतशत नमन 🙏🙏
शहीद भगतसिंह ,को भाव भीनी श्रधांजलि🙏🙏💐💐😥😥💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐🙏🙏
अंजू दीक्षित,
बदायूँ,उत्तर प्रदेश।

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