" मैं " भारत की नारी हूँ! 
" जननी " हूँ, "भार्या" हूँ, 
" सुता " हूँ, " भगीनि " हूँ, 
   इज्जत की अधिकारी हूँ! 
   मैं भारत की नारी हूँ! 


    "सीता" सा सतीत्व लिये मैं, 
    " राधा " सा प्रेम समायी हूँ! 
     जिद पर आ जाऊँ तो, 
    बन जाती "दुर्गा"  काली हूँ! 
    इज्जत की अधिकारी हूँ, 
     मैं भारत की नारी हूँ! 



    राम कृष्ण को, जनम मैं देती, 
      पन्ना धाय महान हूँ! 
    बेगम हजरत महल चेनम्मा, 
  मैं राजिया सुल्तान हूँ! 
   अग्नि परीक्षा देने वाली, 
       मैं सुकुमारी हूँ! 
     इज्जत की अधिकारी हूँ! 
       मैं भारत की नारी हूँ! 
    मैं भारत की नारी हूँ! 


                     श्वेता कर्ण!