जिंदगी के मायने
दूसरो से मत सीखिए
जिंदगी आपकी है
मायने भी आप तय करें
जीवन को आबाद करने के लिए
सौ सद्गुण भी कम है
पर जीवन को बर्बाद करने के लिए
एक अवगुण भी भारी होता है
जीवन में ठोकरों से ही अक्ल आती है
जो अक्ल वर्षों तक बादाम और
अखरोट खाने पर भी नहीं आती
वह मुसीबतमें आ जाया करती है
अपने वचन और व्यवहार को
हल्का मत होने दीजिए
हमारा कल किया गया व्यवहार ही
हमारे आज काम आता है
और आज जो व्यवहार कर रहे हैं
वह हमारे कल काम आएगा
निर्णय आपका
👏
◆●स्वयं विचार करें●◆।
बीरेन्द्र कुमार मिश्र प्रयागराज

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