लक्ष्य पर निगाहें गढ़ाये सिपाही के लिए कुछ पंक्तियाँ ----
लक्ष्य न ओझल हो जाये।
कंटक पथ पर चलते जाना।
ऊसर बीज उगाते जाना।
निर्बल गले लगाते जाना।
जो भी पथ में मिल जाये।।
मन में साहस भरते जाना।
पग पग शोले धरते जाना।
जीवन निर्मल करते जाना।
जन मन सुरभित हो जाये।।
आँधी से भी ना घबराना।
तूफानों से भी टकराना।
बडवानल को भी पी जाना।
पग पग कलियाँ खिल जाये।।
देवयानी भारद्वाज

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