यूँ ख्वाबों ख्यालों में तुमको सोचा ही था 
मन मेरा बैचेन हो गया 
जब तुमसे मिलना ही ना था 
तो प्यार तुमसे क्यूँ इतना बेसुमार हो गया 
लिखा है मैंने जब भी कुछ 
लफ्ज़ लफ्ज़ में ही तुम्हारा जिक्र हो गया 
देखता हूँ जब तस्वीर तुम्हारी 
तो लगता है ऐसा कि छूआ हो तुमने पास आकर 
दिल की बेकरारी अब सही नहीं जाती 
आ भी जाओ तुम अब पास मेरे 
कहीं दूर चलकर हम रहेंगे साथ तेरे
ज़िन्दगी अब तुम्हारे बिना जी नहीं जाती.......

पवन शर्मा