आज एकांत विषय पर लिखने बैठी तो
मन में विचार यह आया
एकांत का अर्थ अकेलापन क्यों है
यह मुझको समझ न आया
क्योंकि एक तो एक ही होता
मतलब उसके साथ कोई दूसरा नही होता
दूसरे शब्दों में कहा जाए तो
एक का मतलब ही अकेला होता
और यह शब्द एकांत है जो
यह एक और अंत के मेल से बनता
तो जो एक का करे अंत
उसका अर्थ अकेलापन कैसे हो सकता
इस तर्क के आधार पर
एकांत का नया अर्थ बनाया
जो अकेलापन दूर करे
वह वस्तु या व्यक्ति एकांत कहलाया
✍️प्रीति ताम्रकार
जबलपुर

2 टिप्पणियाँ