⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘ॐ ⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘
हे सुदर्शन चक्र धारी, हे कृष्ण मुरारी हे बनवारी---
पार लगा दो नैया सबकी, हे मेरे माधव गिरधारी,
संसार विषैला हो रहा है, काल का फेरा हो रहा है---
कृपा कर दो हे मेरे कान्हा, देर ना करना जल्दी आना,
मीठी सी मुरली की धुन से,अमृत की बारिश कर देना---
हवा में फैले विष को कान्हा, पल भर में अमृत कर देना,
छाया घोर अंधेरा कैसा, उजियारा तुम कर जाना,
कलयुगी नगरी में माधव, एक बार नजर घुमा जाना,
हे त्रिपुरारी बंसी बजैया क्षमा प्रार्थना करते हैं हम---
सुन लो सबकी कृष्ण कन्हैया,
हे सुदर्शन चक्रधारी, हे कृष्ण मुरारी हे बनवारी---
पार लगा दो नैया सबकी हे मेरे माधव गिरधारी,
संगीता वर्मा ✍✍

1 टिप्पणियाँ