प्यार है मुझे तुम से और अधूरे ख्वाब है,
जख्म भी देते सुकून ये कैसे जज़्बात है।
जो ना मिल सकूं "ख्वाबों" में अब तुम से,
मत समझना बेवफा, मोहब्बत पर दाग़ है।
बदलेंगी फिर से हवा अभी मौसम ख़राब है।
मेरी साँसों पर सिर्फ तेरा अधिकार है।।
ना देखूं पल भर तुम्हें धड़कन रुक जाती है
इस नजरों को सिर्फ तुम्हारा ही इंतजार है।
तुम को पा कर खो नहीं सकती हूँ कभी।
क्योकि मुझे तुम पर पूरा ऐतवार है।।
मैं रहूँ ना रहूँ इस जहाँ में तुम खुश रहना।
सुनो न मुझे तुमसे हाँ तुम्हीं से प्यार है।।"
अंबिका झा ✍️

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