भारत की बेटी मीरा बाई चानू के लिये समर्पित कुछ पंक्तियाँ
भक्ति में डूबी
राधा सम उपासती
श्याम के विरह में रोती रही
युग बीतते गये
वह मीरा श्याम बन गयी
कभी जो नारी थी
श्याम की पुजारी थी
जा समा श्याम में
खुद श्याम बन गयी
देख संकट मात्रभूमि पर
देवों के उपहास का कर प्रतिकार
श्याम गिरिधर बने
आज मीरा
उठा खुद भार से चार गुणित भार
रखती मान मात्रभूमि का
हाॅ सच ही तो है
आज मीरा श्याम बन गयी
भारत की बेटी मीराबाई चानू की सफलता पर उन्हें बहुत बधाईयाँ।
दिवा शंकर सारस्वत 'प्रशांत'

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