बाबू साहब ,हमरा बेटी का वियाह वीरवा  से करवा देई ना _ रामजी लाल ने कहा।
"कवन जोन इंजीनियर आयिल बा, हैय बंधवा बनावे खातिं "_ विक्रम सिंह  ने पूछा।
हां बाबू साहेब , ऊहे लईकवा अपनी विन्नी के लायक बा।
विवाह लायक हो गईल बिया।

ठीक है 1लाख रुपया दे देना,बाकी हमरा जिम्मा।ठीक है ना_ विक्रम सिंह ने कहा।

काबिल लड़को का अपहरण कर विक्रम सिंह उन लड़कियों को शादी करवाता था,जिसके मां ,पिता पैसे देते थे।
ये उसका पेशा था,पुलिस भी कुछ नहीं कहती क्योंकि उनके मुंह पैसे से बंद किए जाते।

वीर  स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था।कोलकाता के संभ्रांत घर से ताल्लुक रखता था।नेहा उसकी मंगेतर ,हर रोज़ वीडियो कॉल कर ,उससे प्रोजेक्ट की जानकारी लेती ,इंतजार था ,प्रोजेक्ट खत्म होते दोनों  कापरिणय सूत्र में बंध जाने का।

लेकिन प्रोजेक्ट लंबा खिंच रहा था,नेहा को अपनी थीसिस पूरी करने हावर्ड यूनिवर्सिटी जाना था।वह बार बार उसे जल्दी शादी करने को कह रही थी। लेकिन वीर तो काम पूरा करने की रट लगाए था।

सुबह रोज़ की तरह वीर ड्राइवर के साथ जीप से प्रोजेक्ट के लिए निकला।अचानक कुछ गुंडे उसकी गाड़ी रुकवा कर बन्दूक की नोंक पर उसे अपने कब्जे में कर लेते हैं।

वीर कुछ समझता ,चिल्लाता उसे मौका ही नहीं मिला।किसी ने उसके उपर बंदूक के बट से प्रहार कर बेहोश कर दिया था।
उसे एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया।
और कमरे में बंद कर ताला लगा दिया गया।

सुबह कुछ लोग दरवाज़ा खोल,अंदर दाखिल हुए।

मैं कहां हूं_ वीर उन सबको देख कर चिल्लाया।
क्यों लाए हो मुझे यहां,क्या चाहते हो ।
अरे अरे इंजिनियर साहेब ,तनिक धीरे_ विक्रम सिंह ने पुचकारते हुए कहा।
हम तुम्हारा अपहरण किए हैं ,समझे।
तुम्हरा वियाह होगा, ई विन्निया के साथे ,बुझे।

ऐ मुन्ना ,तनी इंजीनियर साहब के नास्ता पानी दे दो।तब तक सोच ले बढ़िया से,और सुनो ताला कमरा में लगा के जल्दी आना।
विन्निया के बाबूजी बाज़ार जाने को कहे हैं।समझे।
हां भैया - मुन्ना बोला।
मुन्ना नाश्ता देने के बाद ताला लगाने लगा और बोला ,इंजीनियर बाबू जल्दी मान जाइएगा शादी के लिए नहीं तो ......।
अगले दिन वीर के लिए शेरवानी ,कुर्ता सारे कपड़े खरीद कर आ गए।
विक्रम सिंह,अपने आदमियों और विन्नी के भाई के साथ कपड़े लेकर कमरे में घुसता है।

अरे जीजा जी,दुल्हन के भाई ने कहा जल्दी कपड़े पहन लीजिए,और शादी के लिए मंडप में चलिए।

नहीं करूंगा विवाह, क्या करोगे तुम लोग ?वीर चिल्लाया।
" कुछ नहीं_"
वहां मौजूद सभी गुंडे हंसने लगे ,और फिर उसके मुंह में शराब की बोतल लाकर जबरदस्ती पिलाने लगे।
वो विरोध करते करते, एक ओर लुढ़क गया।

सुबह जब होश आया तो ,उसने देखा उसकी शादी हो चुकी थी।विन्नी उसकी दुल्हन बन चुकी थी।

आगे क्या होगा?
क्या वीर बिन्नी को मजबूरी में अपनाएगा या संघर्ष करेगा।

अगले भाग में